लक्ष्मी पूजा विधि 2026: दिवाली मुहूर्त, सामग्री व मंत्र

दिवाली लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर 2026: अहमदाबाद का मुहूर्त, लक्ष्मी-गणेश पूजन सामग्री, सरल विधि, मंत्रों के हिंदी अर्थ और आधिकारिक YouTube वीडियो।

लक्ष्मी पूजा २०२६ कब है?

दिवाली की अमावस्या पर घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कई परंपराओं में माता सरस्वती का पूजन होता है। यह धन से अधिक सद्बुद्धि, शुभ कार्य और परिवार के मंगल की प्रार्थना से जुड़ा उत्सव है।

तिथि: रविवार, ८ नवंबर २०२६। अहमदाबाद (गुजरात) के लिए पूजा मुहूर्त: शाम ६:२२ से ८:२० बजे IST। प्रदोष काल शाम ५:५८ से ८:३२ बजे है। यह समय अहमदाबाद के लिए है, भारत के सभी शहरों के लिए नहीं।

यह घर पर होने वाले सरल पूजन का परिचय है। विस्तृत षोडशोपचार विधि और स्थानीय मुहूर्त के लिए अपने पारिवारिक आचार या पंचांग का अनुसरण करें। पूजा विधि देखें।

लक्ष्मी पूजा की सामग्री

माता लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति या चित्र, साफ चौकी, लाल या पीला वस्त्र, दीपक, घी या तेल, रूई की बाती, फूल, अक्षत, जल, कुमकुम, चंदन, फल और मिठाई रखें। कलश और नारियल पारिवारिक विधि के अनुसार उपयोग कर सकते हैं।

गुजराती व्यापारी परिवारों में दीपावली पर चोपड़ा पूजन अर्थात नई खाता-बही या लेखा-पुस्तक के शुभारंभ की प्रथा भी है।

सरल लक्ष्मी-गणेश पूजा विधि

अलग-अलग परिवारों में उपचार और मंत्र बदल सकते हैं। नीचे सामान्य, सरल क्रम दिया गया है।

१. पूजा स्थान तैयार करें

स्वच्छ स्थान पर चौकी रखकर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। दीपक को ज्वलनशील कपड़े से दूरी पर रखें।

२. गणेश वंदना और संकल्प

भगवान गणेश को प्रणाम करें और अपने परिवार के मंगल, सदाचार और समृद्धि के लिए मन में प्रार्थना करें।

३. माता लक्ष्मी का पूजन

जल, फूल, अक्षत, कुमकुम और नैवेद्य श्रद्धानुसार अर्पित करें। विस्तृत पंचोपचार या षोडशोपचार क्रम पारिवारिक परंपरा से लें।

४. मंत्र, दीपक और आरती

नीचे दिए संक्षिप्त मंत्रों का अर्थ समझकर जपें और अपने परिवार में प्रचलित लक्ष्मी आरती करें। यह मंत्र-संग्रह संपूर्ण वैदिक विधि का विकल्प नहीं है।

५. प्रार्थना और प्रसाद

पूजन के अंत में कृतज्ञता व्यक्त करें और प्रसाद बाँटें। व्यापारिक परिवार अपनी प्रथा के अनुसार चोपड़ा पूजन भी कर सकते हैं।

लक्ष्मी पूजा के छोटे मंत्र और हिंदी भावार्थ

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।

सरल अर्थ: माता महालक्ष्मी को नमस्कार। ‘श्रीं’ बीजाक्षर है; इसका शब्दशः अनुवाद नहीं किया जाता।

ॐ गं गणपतये नमः।

सरल अर्थ: भगवान गणपति को नमस्कार। ‘गं’ गणेश का बीजाक्षर है।

दीपावली की आरती और संबंधित पाठ

पूजन के बाद महालक्ष्मी की मौलिक हिंदी आरती और गणेशजी की मौलिक आरती पढ़ सकते हैं। पारंपरिक पाठ के लिए लक्ष्मी चालीसा और श्री सूक्तम् भी उपलब्ध हैं। इन आरतियों की मौलिक रचना को पारंपरिक मंत्र के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

प्रामाणिक तिथि-संदर्भ: द्रिक पंचांग — अहमदाबाद लक्ष्मी पूजा २०२६। तिथि और मुहूर्त की समीक्षा: २२ अक्टूबर २०२६।

पूजा-निर्देश और हिंदी व्याख्या इस साइट के लिए स्वतंत्र रूप से लिखी गई हैं; आधुनिक रिकॉर्डिंग या किसी अन्य लेखक का अनुवाद कॉपी नहीं किया गया है।

सामान्य प्रश्न

दिवाली २०२६ पर लक्ष्मी पूजा किस दिन है?

रविवार, ८ नवंबर २०२६। अहमदाबाद में शाम ६:२२–८:२० बजे का मुहूर्त प्रकाशित है। शहर बदलने पर समय बदलता है।

क्या चोपड़ा पूजन लक्ष्मी पूजा का भाग है?

गुजरात के अनेक व्यापारी परिवारों में यह दीपावली पूजा के साथ किया जाता है; सभी घरों में एक जैसी परंपरा नहीं है।

क्या विधि हर परिवार में समान होती है?

नहीं। क्षेत्रीय, पारिवारिक और संप्रदाय की रीति के अनुसार सामग्री, क्रम और मंत्रों में भिन्नता मिलती है।