जय आद्या शक्ति आरती के बारे में
जय आद्या शक्ति आरती माता आद्या शक्ति की स्तुति का एक पवित्र ग्रंथ है। यह आरती माता दुर्गा के विभिन्न रूपों और अवतारों का वर्णन करती है। इस आरती में माता के नौ रूपों (नवदुर्गा) का विस्तृत वर्णन है और इसका नियमित पाठ करने से भक्ति-परंपरा में साहस और आशा का स्मरण किया जाता है।
जय आद्या शक्ति आरती
जय आद्या शक्ति,
माँ जय आद्या शक्ति,
अखंड ब्रह्माण्ड दीपाव्यां
पडवे प्रगटतया माँ
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: हे आद्या शक्ति की जय हो, हे माँ आद्या शक्ति की जय हो, अखंड ब्रह्माण्ड में दीपक जलाकर, पूर्णिमा के दिन प्रगट हुई माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
द्वितीय मेहस्वरूप, शिवशक्ति जाणुं,
माँ शिवशक्ति जाणुं,
ब्रह्मा गणपती गावो
हरे गावो हर माँ
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: द्वितीय में महेश्वर रूप, शिवशक्ति को जानो, हे माँ शिवशक्ति को जानो, ब्रह्मा और गणपति गाते हैं, हरे गाते हैं हर माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
तृतीया त्रण सरूप त्रिभुवनमां बेठा,
माँ त्रिभुवनमां बेठा,
दय थकी तरवेणी
तमे तरवेणी माँ
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: तृतीया में त्रिगुण स्वरूप, त्रिभुवन में बैठी, हे माँ त्रिभुवन में बैठी, दया से तारने वाली, तुम ही तारने वाली माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
चोथे चतुरा महालक्ष्मी माँ सचराचरव्याप्या,
माँ सचराचरव्याप्या,
चार भुजा चौ दिशा
प्रगट्या दक्षिणमां
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: चौथे में चतुरा महालक्ष्मी माँ, सचराचर में व्याप्त, हे माँ सचराचर में व्याप्त, चार भुजाएं चार दिशाओं में, दक्षिण में प्रगट हुई, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
पंचमी पंच ऋषी, पंचमी गुण पदमां,
माँ गुण पदमां,
पंच तत्त्व त्यां सोहिये
पंचे तत्वो मा
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: पंचमी में पंच ऋषि, पंचमी गुण पद्म में, हे माँ गुण पद्म में, पंच तत्व तुम्हारे सोहते हैं, पंच तत्वों में, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
षष्ठी तुं नारायणी महिसासुर मार्यो,
माँ महिसासुर मार्यो,
नरनारीने रुपे
व्याप्या सर्वेमां
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: षष्ठी में तुम नारायणी, महिषासुर का मारने वाली, हे माँ महिषासुर का मारने वाली, नर-नारी के रूप में, सबमें व्याप्त, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
सप्तमी सप्त पाताल संध्या सावित्री,
माँ संध्या सावित्री,
गौ गंगा गायत्री
गौरी गीता माँ
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: सप्तमी में सप्त पाताल, संध्या सावित्री, हे माँ संध्या सावित्री, गौ, गंगा, गायत्री, गौरी, गीता माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
अष्टमी अष्ट भुजा आई आनंदा,
माँ आई आनंदा,
सुनीवर मुनीवर जन्म्या
देवो दैत्यो मां
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: अष्टमी में अष्ट भुजा, आई आनंदा, हे माँ आई आनंदा, सुनीवर और मुनीवर जन्मे, देव और दैत्यों में, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
नवमी नवगुण नाग सेवे नवदुर्गा,
माँ सेवे नवदुर्गा,
नवरात्रीना पूजन
शिवरात्रीना पूजन अर्चन कीधा हर ब्रह्मा
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: नवमी में नवगुण, नाग सेवते हैं नवदुर्गा, हे माँ सेवते हैं नवदुर्गा, नवरात्रि का पूजन, शिवरात्रि का पूजन अर्चन किया हर और ब्रह्मा ने, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
दसमे दस अवतार जय विजयादशमी,
माँ जय विजयादशमी,
रामे रावण मार्या
रावण रोड्यो माँ
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: दशमी में दस अवतार, जय विजयादशमी, हे माँ जय विजयादशमी, राम ने रावण मारा, रावण को रोड़ा माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
शिवशक्ति नि आरती जे कोई गाशे,
माँ जे कोई गाशे,
भणे शिवानंद स्वामी, भणे शिवानंद स्वामी,
सुख संपति पाशे
हर कैलाशे जाशे, माँ अम्बा दुख हरशे
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: शिवशक्ति की आरती जो कोई गाता है, हे माँ जो कोई गाता है, शिवानंद स्वामी कहते हैं, सुख संपत्ति पाता है, हर कैलाश जाता है, माँ अम्बा दुख हरती है, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।
जय आद्या शक्ति,
माँ जय आद्या शक्ति,
अखंड ब्रह्माण्ड दीपाव्यां
पडवे प्रगटतया माँ
ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे..
अर्थ: हे आद्या शक्ति की जय हो, हे माँ आद्या शक्ति की जय हो, अखंड ब्रह्माण्ड में दीपक जलाकर, पूर्णिमा के दिन प्रगट हुई माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।